एशिया के सबसे बड़े साहित्योत्सव का शुभारंभ

sahityotsav-2025

साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित किए जा रहे एशिया के सबसे बड़े साहित्योत्सव का आज विधिवत उद्घाटन भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, माननीय श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। साहित्योत्सव 2025 का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को एकता के सूत्र में बाँधने वाला सबसे मजबूत तंतु साहित्य है। उन्होंने भारत के साहित्य की गतिशीलता और जीवंतता को उसकी विशेषता बताते हुए कहा कि तकनीक के समय में अनुवाद के ज़रिए हमारा साहित्य अब वैश्विक होने लगा है। अब उस पर चर्चा प्रारंभ हो गई है। पूरी दुनिया का भारत को देखने का नज़रिया बदला है। आगे उन्होंने भारतीय साहित्य को जीवन को सही दिशा देने वाला मानते हुए कहा कि इसकी भूमिका हर काल और परिदृश्य में प्रासंगिक रही है और आगे भी रहेगी। यह भारत की मनीषा ही है जिसने अपनी पुरातनता को सदा नवीन बनाए रखते हुए यथार्थ से साक्षात्कार कर अनेक समस्याओं के निदान दिए हैं।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव अमृता प्रसाद साराभाई भी उपस्थित थीं। प्रारंभ में श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर साहित्य अकादेमी प्रदर्शनी 2024 का उद्घाटन किया। इस वार्षिक प्रदर्शनी में चित्रों तथा लेखों के विवरण से विगत वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।

साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष श्री माधव कौशिक ने मंत्री महोदय का स्वागत शाल, पुस्तक और पुष्प देकर किया। अपने स्वागत वक्तव्य में सचिव महादेव ने अकादेमी की पिछले वर्ष की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि साहित्य अकादेमी ने पिछले वर्ष 484 किताबें और 459 कार्यक्रम आयोजित किए।

साहित्योत्सव के पहले दिन आज 20 विभिन्न कार्यक्रमों में 100 से अधिक लेखकों ने सहभागिता की। कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रम थे आदिवासी कविता एवं कहानी-पाठ और पैनल चर्चा। भारतीय साहित्य में नदियाँ, भारत के उत्तर पूर्वी क्षेत्र की लोक संस्कृति, भारत की साहित्यिक कृतियों में लुप्त होता ग्रामीण समाज आदि विषयों पर भी विधिवत वक्तव्य दिए गए। अनेक सत्रों में बहुभाषी कविता और कहानी के पाठ किए गए। साहित्यप्रेमी श्रोताओं ने कहा कि सही मायनों में यह भारतीय भाषाओं का समग्र उत्सव है।

कल साहित्योत्सव का मुख्य आकर्षण साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2024 अर्पण समारोह, कमानी सभागार में शाम 5.00 बजे होगा। इस पुरस्कार-अर्पण समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात अंग्रेज़ी नाटककार महेश दत्तानी होंगे। पुरस्कार समारोह के बाद प्रख्यात बाँसुरी वादक राकेश चौरसिया द्वारा बांसुरी वादन प्रस्तुत किया जाएगा।

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