अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों आरोपियों को कोटद्वार के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया उत्तराखंड और पूरे देश को झकझोर देने वाले इस क्रूर अपराध के करीब तीन साल बाद यह फैसला आया है।
18 सितंबर, 2022 की रात को ऋषिकेश के वनतंत्रा रिसॉर्ट में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या उसके नियोक्ता पुलकित आर्य सहित तीन लोगों ने कर दी थी, जो पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा है। पुलिस ने कहा कि पुलकित ने कथित तौर पर अंकिता की हत्या कर दी थी, क्योंकि उसने रिसॉर्ट में कुछ मेहमानों को “विशेष सेवाएं” प्रदान करने के उसके आदेश का विरोध किया था। अंकिता का शव 24 सितंबर को चिल्ला नहर में मिला था, एक दिन पहले तीनों ने उसकी हत्या करने की बात कबूल की थी।
शुक्रवार को पुलकित आर्य को आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छिपाना), 354 ए (महिला के साथ छेड़छाड़ और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना) और अनैतिक तस्करी अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। अन्य आरोपियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर हत्या, साक्ष्य छिपाने और अनैतिक तस्करी अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए और उन्हें दोषी ठहराया गया।





