उत्तराखंड के चमोली जिले में मूसलाधार बारिश के कारण बादल फटने से हुई तबाही के बाद कम से कम दस लोग लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। बुधवार देर रात हुई अचानक बारिश के कारण नंदा नगर में भारी मलबा आ गया, जिससे छह इमारतें मलबे में तब्दील हो गईं।
जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने कहा कि नुकसान और हताहतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और लोक निर्माण विभाग की टीमों को तैनात किया गया है, साथ ही मलबा हटाने और राहत कार्यों में मदद के लिए जेसीबी मशीनें और अन्य उपकरण भी लगाए गए हैं। घटना पर दुख व्यक्त करते हुए, राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।
मलबे से दो लोगों को जीवित निकाला गया, जबकि बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद खोज और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तीन एम्बुलेंस के साथ एक चिकित्सा दल घटनास्थल पर भेजा गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जनपद चमोली के नंदानगर घाट क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से आस पास के घरों को क्षति पहुंचने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। स्थानीय प्रशासन, @uksdrf व पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
इस संबंध में निरंतर प्रशासन से संपर्क में हूँ और स्वयं…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 18, 2025
हालांकि, लगातार बारिश और दुर्गम इलाका बचाव कार्यों में भारी बाधा डाल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में चमोली में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के कारण मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ गया है।





