चमोली जनपद में नकली ज्वैलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का चमोली पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हॉलमार्क लगाने की मशीन व अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। दिनांक 19 मार्च 2026 को वादिनी लवली रावत निवासी ग्राम थैंग (हाल निवासी डाडो) ज्योतिर्मठ द्वारा कोतवाली ज्योतिर्मठ में लिखित तहरीर दी गई। तहरीर में बताया गया कि उन्होंने जुलाई 2025 में अपनी नथ व झुमके ₹40,000 में प्रतिमाह ₹2000 ब्याज पर अपर बाजार ज्योतिर्मठ स्थित आदय ज्वैलर्स के संचालक बंटी कुमार के पास गिरवी रखे थे। नवंबर 2025 में ₹40,000 वापस करने के बाद दिसंबर माह में वादिनी द्वारा ज्वैलरी वापस ली गई। जब वादिनी द्वारा नथ और झुमके पहने गए तो अन्य लोगों द्वारा उनके नकली होने की आशंका व्यक्त की गई। ज्वैलरी की चमक एवं गुणवत्ता पर संदेह होने पर वादिनी द्वारा उक्त ज्वैलरी को बाजार के अन्य ज्वैलर्स के यहां दिखाया गया जहां उन्हें पता चला कि नथ और झुमके नकली हैं जिन पर चालाकी से हॉलमार्क लगाया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली ज्योतिर्मठ पर तत्काल अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार द्वारा मामले के शीघ्र एवं प्रभावी अनावरण हेतु विशेष पुलिस टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। उनके आदेशों के क्रम में पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट व पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई। दिनांक 21 मार्च 2026 को विवेचक अपर उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह द्वारा वादिनी को कोतवाली ज्योतिर्मठ बुलाकर पूछताछ की गई। आरोपी बंटी कुमार द्वारा उन्हें दी गई पीली धातु की नकली 2 नथ व 2 झुमके कब्जे में लेकर सील किए गए। आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस द्वारा गहन पूछताछ की गई जिसमें अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने वादिनी के असली सोने के आभूषणों के बदले नकली आभूषण तैयार करवाए और उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर वापस कर दिया। पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ।
आरोपी ने बताया कि कर्णप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु कम कैरेट की ज्वैलरी पर फर्जी 20 कैरेट की मोहर लगाकर उसे असली हॉलमार्क ज्वैलरी की तरह तैयार करता था जिसके लिए उसके पास बिना लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन भी मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम कर्णप्रयाग पहुंची और अभियुक्त बंटी कुमार की निशानदेही पर पंकज कुमार प्रभु को कर्णप्रयाग बाजार से गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से हॉलमार्क लगाने में प्रयुक्त मशीन व अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। मामले में आपराधिक न्यास भंग व फर्जी हॉलमार्क लगाकर ठगी करने के अपराध में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अधीक्षक चमोली ने कहा कि उत्तराखंड में स्वर्ण व्यवसाय पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण और विश्वसनीय रहा है लेकिन इस घटना ने इस क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया है। हॉलमार्किंग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। हॉलमार्किंग की प्रक्रिया भारतीय मानक ब्यूरो के माध्यम से की जाती है जिससे आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित होती है। जनपद में संचालित सभी हॉलमार्किंग केंद्रों का सत्यापन कराया जाएगा तथा प्रकरण की रिपोर्ट भारतीय मानक ब्यूरो को भेजी जाएगी। साथ ही हॉलमार्क मशीन और अन्य उपकरणों की खरीद के स्रोतों का भी सत्यापन किया जाएगा। यह मामला सीमांत क्षेत्र में सामने आया है जिसकी गहन जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए उत्कृष्ट कार्य हेतु पुरस्कार की घोषणा भी की गई है। गिरफ्तार अभियुक्त बंटी कुमार निवासी बेगूसराय (बिहार) उम्र 32 वर्ष पंकज कुमार प्रभु निवासी पटना (बिहार) उम्र 37 वर्ष बरामदगी लेजर मल्टीपर्पज मशीन (कीमत लगभग ₹2,50,000) सीपीयू मॉनिटर वीजीए केबल एचडीएमआई केबल पावर केबल बोर्ड व माउस वादिनी से प्राप्त 1 नथ व 2 झुमके (पीली धातु) पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक ज्योतिर्मठ देवेन्द्र रावत वरिष्ठ उपनिरीक्षक कर्णप्रयाग संजय नेगी उपनिरीक्षक सतेंद्र बुटोला (प्रभारी एसओजी) अपर उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह
आरक्षी राजेश आरक्षी चन्दन नागरकोटी (एसओजी) आरक्षी आशुतोष तिवारी (एसओजी)





