एनआईटी उत्तराखण्ड में चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीटूईथ्री 2026 का सफल आयोजन

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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखण्ड में 14 और 15 मई 2026 को कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एंड देयर एप्लीकेशन कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स विद्युत अभियांत्रिकी एवं उनके अनुप्रयोग आईसीटूईथ्री 2026 विषय पर चौथे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन ने कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स विद्युत अभियांत्रिकी एवं उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नवीन शोध एवं नवाचारों पर वैश्विक स्तर के शोधकर्ताओं शिक्षाविदों उद्योग विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ-साथ नवीन शोधों को वास्तविक सामाजिक समस्याओं के समाधान से जोड़ने का कार्य किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तथा सम्मेलन पुस्तिका का विमोचन किया गया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रोफेसर मोहन वी अवारे निदेशक राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अरुणाचल प्रदेश तथा विशिष्ट अतिथि अक्षय कुमार राठौर नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय रहे। इस अवसर पर प्रोफेसर विवेक श्रीवास्तव अधिष्ठाता योजना एवं विकास डॉ.धर्मेन्द्र त्रिपाठी अधिष्ठाता शोध एवं परामर्श तथा डॉ.प्रकाश द्विवेदी विभागाध्यक्ष विद्युत अभियांत्रिकी उपस्थित रहे। सम्मेलन का आयोजन आयोजन अध्यक्ष डॉ.प्रकाश द्विवेदी आयोजन सचिव डॉ.पंकज कुमार पाल डॉ.सौरव बोस डॉ.तुषार गोयल एवं डॉ.मारुति देशमुख द्वारा किया गया। अपने संबोधन में अतिथियों ने बहुविषयक शोध नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया। सम्मेलन के दौरान अक्षय कुमार राठौर एवं मोहन वी अवारे द्वारा क्रमशःस्नबरलेस नेचुरली क्लैम्प्ड सॉफ्ट स्विचिंग करंट फेड डीसी-डीसी कन्वर्टर्स सुरक्षित स्विचिंग आधारित डीसी कन्वर्टर प्रणाली एवं मल्टी फेज मल्टी लेवल इन्वर्टर बहु चरणीय बहु स्तरीय इन्वर्टर विषयों पर मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।

सम्मेलन के दूसरे दिन प्रोफेसर गौतम श्रीवास्तव ब्रैंडन यूनिवर्सिटी कनाडा ब्रैंडन विश्वविद्यालय कनाडा द्वारा मुख्य वक्तव्य दिया गया। सम्मेलन में विश्वभर के शोधकर्ताओं ने अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्रदान की। कुल 1287 शोध-पत्र प्राप्त हुए जिनका लगभग 590 विशेषज्ञ समीक्षकों द्वारा सघन मूल्यांकन किया गया। समीक्षा प्रक्रिया के उपरांत 241 शोध-पत्रों का पंजीकरण किया गया। इनमें से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने एनआईटी उत्तराखण्ड में ऑफलाइन माध्यम प्रत्यक्ष उपस्थिति से उपस्थित होकर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन में प्रस्तुत एवं स्वीकृत सभी शोध-पत्र प्रतिष्ठित आईईईई एक्सप्लोर डिजिटल लाइब्रेरी वैश्विक शोध प्रकाशन मंच में प्रकाशित किए जाएंगे जिससे शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर पहचान प्राप्त होगी। सम्मेलन को विभिन्न संस्थाओं विशेष रूप से अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान तथा डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। आयोजकों ने सभी मुख्य वक्ताओं समीक्षकों शोधार्थियों प्रायोजक संस्थाओं संकाय सदस्यों छात्र स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।

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