बुधवार 03 जून को एक दिन की राहत के बाद, बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी मुख्य वजह IT शेयरों में भारी बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज़ी और विदेशी फंड का लगातार बाहर जाना रही। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 303.67 अंक, या 0.41 प्रतिशत गिरकर 74,346.17 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान, यह 1,157.24 अंक, या 1.55 प्रतिशत तक गिरकर 73,492.60 पर पहुंच गया था।
50 शेयरों वाला NSE निफ्टी 77.95 अंक, या 0.33 प्रतिशत गिरकर 23,405.60 पर बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले सत्र (मंगलवार) में चार दिनों की लगातार गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए लगभग आधा प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया था।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, Tata Consultancy Services में 8.43 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद Tech Mahindra (6.23 प्रतिशत), HCL Tech (5.25 प्रतिशत) और Infosys (3.82 प्रतिशत) का स्थान रहा। ITC, Eternal, Larsen & Toubro और Bajaj Finance भी गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्लू-चिप शेयरों में InterGlobe Aviation, State Bank of India, ICICI Bank और Trent बढ़त बनाने वाले शेयरों में शामिल रहे। कच्चे तेल का वैश्विक बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत उछलकर 98.92 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 8,362.92 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
इस बीच, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने भारत सहित 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इन देशों पर आरोप है कि वे ‘जबरन श्रम’ (forced labour) से निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में विफल रहे हैं।
यह कार्रवाई 60 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद की गई है। USTR ने इन देशों पर आरोप लगाया था कि वे जबरन श्रम से निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने में असफल रहे हैं।





