जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ (JSJB) 2.0 पहल के तहत बताए गए जल संरक्षण कार्यों पर नागरिकों से फीडबैक लेने की समय-सीमा 31 जुलाई तक बढ़ा दी है।
गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 31 मई तक इस पहल के तहत देश भर में 1.5 करोड़ से ज़्यादा रेनवाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन), ग्राउंडवाटर रिचार्ज (भूजल पुनर्भरण), जल संरक्षण और जल भंडारण के ढांचे बनाए जाने की जानकारी मिली थी।
मंत्रालय ने कहा कि नागरिक JSJB 2.0 पोर्टल के ज़रिए इन ढांचों के बारे में अपनी राय दे सकते हैं और पहल के तहत बताए गए रेनवाटर हार्वेस्टिंग, ग्राउंडवाटर रिचार्ज, जल संरक्षण और जल भंडारण कार्यों पर फीडबैक दे सकते हैं।
यह फीडबैक पहल के तहत बताए गए ढांचों के सत्यापन और मूल्यांकन में भी मदद करेगा। मंत्रालय ने कहा कि चूंकि इस पहल के तहत पूरे किए गए आर्टिफिशियल रिचार्ज और भंडारण कार्यों की संख्या के आधार पर ज़िलों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य हितधारकों को मान्यता दी जाती है, इसलिए फीडबैक प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है।
बयान के अनुसार, इस व्यवस्था से रिपोर्टिंग की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ने, काम को लागू करने में पारदर्शिता आने और ज़िलों व शहरी स्थानीय निकायों को बनाए गए ढांचों के सही रखरखाव और लगातार काम करते रहने को सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि इस पहल का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी के ज़रिए टिकाऊ जल प्रबंधन और जल सुरक्षा की दिशा में चल रहे देशव्यापी अभियान को और आगे बढ़ाना है।





