देहरादून, 11 सितंबर 2026: उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को हुई बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अपनी मंजूरी प्रदान की। कैबिनेट के फैसलों में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट और लेखा विवरण को विधानसभा के पटल पर रखने, कारागार सेवा नियमावली में संशोधन, सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में बढ़ोतरी, विधिक माप विज्ञान नियमों में संशोधन, MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में वृद्धि, खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों, देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना और हरिद्वार में ESI निर्माण के लिए भूमि आवंटन जैसे अहम निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट द्वारा लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
1. UERC की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के तहत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) की वार्षिक रिपोर्ट को राज्य विधानमंडल के पटल पर रखा जाना आवश्यक है।
इसी प्रावधान के अनुपालन में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा के पटल पर रखे जाने संबंधी प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
2. UERC के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को भी विधानसभा में रखा जाएगा
ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के एक अन्य प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104(4) के तहत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखा जाना निर्धारित है।
इसके तहत आयोग के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अनुमोदित किया है।
3. कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखंड की संरचना में गृह विभाग के कारागार विभाग के अंतर्गत सुधारात्मक विंग के लिए अपर महानिरीक्षक कारागार के एक नवसृजित पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल किया जाना प्रस्तावित था।
विभागीय व्यवस्था और कर्मचारी हित को ध्यान में रखते हुए वर्तमान सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने सहमति प्रदान की है।
4. सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ेगी
कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट, उत्तराखंड हाईकोर्ट, नैनीताल तथा उत्तराखंड राज्य के अधीनस्थ कार्यालयों में आबद्ध सरकारी अधिवक्ताओं को भुगतान किए जाने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।
सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में वृद्धि के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया गया था। समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
5. उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 53 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में संशोधन करते हुए उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी है।
यह संशोधन केंद्र सरकार द्वारा Ease of Doing Business, Compliance Reduction और Trust Based Regulatory Framework के तहत चलाए जा रहे Deregulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम के अनुरूप किया जा रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा प्रख्यापित संबंधित संशोधनों को 1 मई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसके तहत विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 23 में संशोधन किया गया है।
Deregulation Priority Area (PA-8) — “Ease Licensing for Weights & Measures under Legal Metrology Act, 2009” के तहत लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इस संबंध में 2026 की संशोधन नियमावली के प्रख्यापन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
6. MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़कर न्यूनतम ₹25 हजार होगा
कैबिनेट ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न के लिए बड़ी राहत दी है। वर्तमान में MBBS इंटर्न को ₹17,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। कैबिनेट ने इसे बढ़ाकर न्यूनतम ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
उत्तराखंड में वर्तमान में श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा में पांच राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में MBBS के साथ-साथ PG पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में आम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्टाइपेंड में यह वृद्धि मेडिकल इंटर्न के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
7. माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद सृजित होंगे
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपर सहायक अध्यापक व्यायाम (ग्रेड वेतन ₹4,200) के 33 पद सृजित किए जाने को मंजूरी दी है।
खेलकूद विभाग के निर्धारित शासनादेश में वर्णित प्रावधानों के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तराखंड में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किया जाना है।
इसी उद्देश्य से माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के कुल 1,898 सृजित पदों में से 33 पद समर्पित करते हुए अपर सहायक अध्यापक व्यायाम लेवल-6 के 33 पद सृजित किए जाएंगे।
इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
8. पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति को मंजूरी
उत्तराखंड खेल नीति, 2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्य में राजपत्रित और अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन दिए जाने का प्रावधान है।
कैबिनेट ने इस व्यवस्था के तहत वर्तमान में खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग के अंतर्गत कुल 243 पदों पर नियुक्ति प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस फैसले से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
9. देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना के लिए 972 वर्ग मीटर भूमि लीज पर देने की अनुमति
कैबिनेट ने देहरादून के पुरुकुल गांव से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना से जुड़े भूमि संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
परियोजना के अपर टर्मिनल प्वाइंट और पार्किंग निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को प्राप्त भूमि पर स्थित ऐसी भूमि, जो पूर्व में गढ़वाल सभा मसूरी को लीज पर दी गई थी, उसके बराबर 972 वर्ग मीटर भूमि मसूरी स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम की पार्किंग के लिए क्रय की गई भूमि में से लीज पर दिए जाने की अनुमति प्रदान की गई है।
यह फैसला देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना से संबंधित आवश्यक भूमि व्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
10. हरिद्वार में ESI निर्माण के लिए 15 एकड़ भूमि आवंटित
कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), चिकित्सालय हरिद्वार के समीप चिन्हित 15 एकड़ भूमि को ESI के निर्माण के लिए आवंटित किए जाने का निर्णय लिया है।
इस भूमि का उपयोग कर्मचारी राज्य बीमा निगम से संबंधित निर्माण कार्य के लिए किया जाएगा। इससे हरिद्वार क्षेत्र में ESI से जुड़ी स्वास्थ्य एवं अन्य सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
कैबिनेट के फैसलों का व्यापक असर
उत्तराखंड कैबिनेट के इन फैसलों में एक ओर जहां स्वास्थ्य क्षेत्र में MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है, वहीं दूसरी ओर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है।
इसके अलावा सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में संशोधन, विधिक माप विज्ञान में लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने, कारागार प्रशासन में संरचनात्मक बदलाव तथा देहरादून-मसूरी रोपवे और हरिद्वार में ESI निर्माण जैसी परियोजनाओं से जुड़े फैसले भी कैबिनेट के एजेंडे में प्रमुख रहे।





