AICC के जनरल सेक्रेटरी के.सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को कहा कि INDIA ब्लॉक सोमवार को दिल्ली में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन लोगों के वोटिंग अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी जारी लड़ाई का हिस्सा है। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की और “वोट चोरी” के दावों का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे और पिछले दो सालों में हुए सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इस बात से “हैरानी” हुई कि राष्ट्रपति ने ‘चुनाव में चोरी’ के आरोप का खंडन नहीं किया।
राहुल का कहना है कि विपक्ष के नेता सोमवार को CJI से मिलेंगे
बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलकर उन्हें भी एक ज्ञापन सौंपेंगे, क्योंकि वे उपलब्ध सभी विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहते हैं।
INDIA ब्लॉक के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और कथित “वोट चोरी” पर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही, उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को रोकने और वोटर लिस्ट से गैर-कानूनी तरीके से हटाए गए 13.3 करोड़ वोटरों के नाम वापस जोड़ने की मांग की।
विपक्ष ने CEC और EC को आजीवन सुरक्षा देने वाले 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की
राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपे गए ज्ञापन में विपक्षी दलों ने CEC और EC को आजीवन सुरक्षा देने वाले 2023 के कानून को रद्द करने और भविष्य के सभी चुनावों में पेपर बैलेट का इस्तेमाल फिर से शुरू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू ने नेताओं से ‘वोट चोरी’ का सबूत मांगा था। राहुल गांधी ने पत्रकारों को बताया कि जब राष्ट्रपति सबूत लेने के लिए तैयार होंगी, तो INDIA ब्लॉक उनके पास मौजूद सबूत उन्हें सौंप देगा। इस प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, TMC प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, NCP(SP) की सुप्रिया सुले, SP के राजीव राय, RJD के मनोज झा, VCK प्रमुख थोल. थिरुमावलवन, CPI(M) के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी और CPI के डी. राजा शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि “वोट की चोरी” ने लोकतंत्र की नींव ही हिला दी है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के पक्के सबूत हैं कि एक के बाद एक चुनावों में वोट की चोरी हुई है और इसके लिए उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया।
गौरतलब है कि INDIA गठबंधन के सांसदों ने पहले संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में बैठक की, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर चर्चा की और उसे अंतिम रूप दिया। इसके बाद वे संसद भवन से विजय चौक की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। उनके पास “लोकतंत्र बचाओ” का एक बड़ा बैनर था और वे सरकार, प्रधानमंत्री और CEC के खिलाफ नारे लगा रहे थे।






