रुद्रप्रयाग में जिलाधिकारी के निर्देशन में वन अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक अभ्यास आयोजित

rudraprayag-forest-fire-mock-drill

फॉरेस्ट फायर सीजन को देखते हुए रुद्रप्रयाग जनपद में वन अग्नि सुरक्षा एवं त्वरित नियंत्रण व्यवस्था को परखने के लिए मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। यह अभ्यास जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में विभिन्न विभागों के समन्वय से संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य विभागों के बीच तालमेल मजबूत करना त्वरित सूचना प्रणाली की जांच करना तथा आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था। अभ्यास के तहत अपराह्न 12 बजकर 52 मिनट पर वन क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग द्वारा सूचना दी गई कि धनपुर 11 क्षेत्र में वनाग्नि की घटना हुई है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है लेकिन आग के फैलाव को देखते हुए अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों की आवश्यकता बताई गई। सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसडीआरएफ डीडीआरएफ अग्निशमन विभाग और 108 एम्बुलेंस सेवा को घटनास्थल के लिए रवाना किया। सभी टीमों ने निर्धारित समय में पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अभ्यास के दौरान एक अग्निशमन कर्मी के घायल होने की काल्पनिक स्थिति भी प्रदर्शित की गई। रेस्क्यू टीम ने घायल कर्मी को स्ट्रेचर के माध्यम से मुख्य सड़क तक पहुंचाया और 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय भेजा। इससे आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की तत्परता का भी परीक्षण किया गया।

डीडीआरएफ टीम ने लगभग 1 बजकर 12 मिनट पर आग पर पूर्ण नियंत्रण की सूचना दी। करीब 20 मिनट के भीतर संयुक्त प्रयासों से स्थिति को नियंत्रित करने का सफल प्रदर्शन किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फॉरेस्ट फायर सीजन के दौरान लगातार सतर्कता बरती जाए संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जाए और जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को वनाग्नि से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय त्वरित सूचना आदान-प्रदान और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम किसी भी आपदा में जनहानि और वन संपदा की क्षति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top