उत्तराखंड पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को इस सप्ताह के अंत में प्रस्तावित विधानसभा सत्र के दौरान अपने-अपने जिलों में शांति बनाए रखने और “त्रुटिहीन सुरक्षा” सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश किए जाने के खिलाफ कुछ संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना के बीच यह निर्देश आया है।
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) ए पी अंशुमान ने सर्किल अधिकारियों, जिला प्रभारियों और विधानसभा के सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में संगठनों को चिन्हित कर पुलिस को अलर्ट कर समय पर व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
एडीजी ने यह भी निर्देश दिये कि जिलों में उपलब्ध पुलिस एवं प्रान्तीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) बल के अतिरिक्त जनपद देहरादून को उपलब्ध कराये गये पुलिस बल का सदुपयोग सत्र के दौरान शान्ति बनाये रखने एवं कानून व्यवस्था लागू करने में किया जाय।
“केवल पास रखने वाले लोगों को उचित जांच के बाद विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रतिदिन बैरिकेडिंग की जाए।” एडीजी ने विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर बैरिकेडिंग जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रतिदिन जांच करने का निर्देश दिया।
उत्तराखंड पुलिस मीडिया सेल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विधानसभा सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए पहले से ही ट्रैफिक प्लान तैयार करने और रूट डायवर्जन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा भवन के आसपास स्थित टावरों, पानी की टंकियों एवं टेलीफोन टावरों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया ताकि सत्र के दौरान कोई भी व्यक्ति इन टावरों पर चढ़कर अप्रिय स्थिति पैदा न कर सके.





