हरिद्वार शहर को साफ और स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ गंगा और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शहर और उसके सैटेलाइट क्षेत्रों में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में यह कार्य तय समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। पेयजल निगम गंगा की ओर से जानकारी दी गई कि जर्मन विकास बैंक के वित्तपोषण से गंगा बेसिन राज्यों में पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत हरिद्वार नगर में कुल 206 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इसमें से लगभग 150 किलोमीटर सीवरेज लाइन का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है,जबकि शेष 56 किलोमीटर का कार्य निविदा प्रक्रिया में है। पूरी परियोजना को वर्ष 2028 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बताया गया कि पैकेज-1 के अंतर्गत हरिपुरकलां,भूपतवाला,भीमगौड़ा,हर की पौड़ी से रेलवे स्टेशन,ब्रह्मपुरी और पुराना औद्योगिक क्षेत्र में 70 किलोमीटर तथा पैकेज-2 के अंतर्गत कनखल,द्वारिका विहार,राजा गार्डन,गणपति धाम और जगजीतपुर क्षेत्रों में 80 किलोमीटर सीवरेज लाइन का कार्य चल रहा है।
अब तक कुल 75 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा चुकी है,जिसमें पैकेज-1 के अंतर्गत 40 किलोमीटर और पैकेज-2 के अंतर्गत 35 किलोमीटर शामिल हैं। इसके साथ ही सड़कों के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 15 हजार घरेलू सीवरेज कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे,जिससे करीब साढ़े तीन लाख की स्थायी आबादी को लाभ मिलने की संभावना है। इससे अपशिष्ट जल का सुरक्षित और व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित होगा,जनस्वास्थ्य में सुधार आएगा और गंगा नदी के पुनर्जीवन में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह परियोजना भूजल प्रदूषण को कम करने और शहर की समग्र स्वच्छता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। हर की पौड़ी से रेलवे स्टेशन तक के क्षेत्र में दिनभर भारी भीड़ और यातायात को देखते हुए सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य रात के समय कराया जा रहा है,ताकि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। प्रशासन का कहना है कि आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सीवरेज कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप लगातार जारी रहेगा।





