भारत 22 से 24 जुलाई तक चंडीगढ़ में ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की 16वीं बैठक का आयोजन करेगा

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2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता के तहत, भारत 22 से 24 जुलाई 2026 तक चंडीगढ़ में ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की 16वीं बैठक आयोजित करने जा रहा है। इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होंगे, ताकि स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, महामारी की तैयारी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को और मजबूत किया जा सके।

मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले आज चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन हुआ। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव और आयुष मंत्रालय के सचिव श्री वैद्य राजेश कोटेचा ने मीडिया को 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक की तैयारियों, एजेंडे और संभावित परिणामों के बारे में जानकारी दी।

मीडिया को संबोधित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यह बैठक “सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” की थीम के तहत, 2026 में अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रिस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा, महामारी की तैयारी, डिजिटल स्वास्थ्य, नवाचार, सस्ती दवाओं तक पहुंच, पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा, तपेदिक, स्वस्थ जीवन शैली, मानसिक स्वास्थ्य और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। साथ ही, ब्रिक्स देशों में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज  हासिल करने और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के साझे उद्देश्य को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर सहयोग और ज्ञान साझा करने के माध्यम से ‘ग्लोबल साउथ’ की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

यह भारत की चौथी ब्रिक्स अध्यक्षता है और इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी अध्यक्षता कर चुका है। अध्यक्षता की थीम “सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” को ध्यान में रखते हुए, भारत ने अपने ब्रिक्स एजेंडे के प्रमुख स्तंभों में स्वास्थ्य सहयोग को शामिल किया है, जो एक जन-केंद्रित और समावेशी वैश्विक स्वास्थ्य संरचना को आगे बढ़ाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस बैठक में ब्रिक्स के ग्यारह सदस्य देशों—ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ़्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया—के स्वास्थ्य मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये देश मिलकर दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को आकार देने में ब्रिक्स की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

आधिकारिक कार्यक्रम 22 जुलाई 2026 को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के साथ शुरू होगा, जिसमें वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे और मंत्रिस्तरीय घोषणा-पत्र के मसौदे को अंतिम रूप देंगे।

इसके बाद 23 जुलाई 2026 को ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की 16वीं बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा करेंगे। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे और ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों के 16वें घोषणा-पत्र को अपनाने पर विचार करेंगे।

24 जुलाई 2026 को, भारत “ब्रिक्स डायलॉग: फ्रॉम डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड टू एआई-इनेबल्ड हेल्थकेयर– स्ट्रेंगथनिंग द कन्टिन्युअम ऑफ केयर थ्रू इंटरऑपरेबल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर एंड रिस्पान्सबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” नामक एक उच्च स्तरीय सह-कार्यक्रम का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इंटरऑपरेबल डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और जिम्मेदारीपूर्ण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवा की निरंतरता को मज़बूत करना और ब्रिक्स देशों में भविष्योन्मुखी स्वास्थ्य प्रणालियां विकसित करना है।

पिछली ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान किए गए कार्यों को आगे बढ़ाते हुए, भारत ने मौजूदा प्राथमिकताओं को बनाए रखा है और दो नए प्राथमिकता वाले क्षेत्र— स्वस्थ जीवन शैली के लिए ब्रिक्स मिशन और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना— शामिल किए हैं। यह बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है।

ब्रिक्स की अध्यक्षता 2026 के तहत, भारत ने ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक को निम्नलिखित नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के आधार पर तैयार किया है:

  1. ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क
  2. ब्रिक्स देशों के चिकित्सा उत्पाद नियामक प्राधिकरणों के बीच सहयोग
  3. बड़े पैमाने पर फैलने वाले संक्रामक रोगों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली
  4. दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सहित स्वास्थ्य सेवा की निरंतरता के लिए डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था।
  5. स्वस्थ जीवन शैली के लिए ब्रिक्स मिशन
  6. मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना
  7. पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (टीसीआईएम)
  8. स्वास्थ्य के सामाजिक कारकों से उत्पन्न रोगों के खिलाफ लड़ाई (डीडी-एसडीएच)
  9. ब्रिक्स नेशनल पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट्स का नेटवर्क।

ये प्राथमिकता वाले क्षेत्र- मज़बूत स्वास्थ्य प्रणालियां बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना, महामारी की तैयारी बेहतर करना, संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों से निपटना, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच बढ़ाना और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए- ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

15 अप्रैल 2026 से, भारत ने इन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 26 तकनीकी बैठकें और विशेषज्ञ परामर्श आयोजित किए और स्वास्थ्य के प्रमुख मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए ब्रिक्स सदस्य देशों के विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान किया।

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