सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 के अंतर्गत भारतीय विद्यार्थी जापान का दौरा करेंगे

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भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (एमओईके स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएलने आज एनसीईआरटीनई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सकुरा साइंस प्रोग्राम 2026 में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के एक दल को रवाना किया।

इस समारोह में डीओएसईएल की अपर सचिव श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थीएनसीईआरटी के निदेशक प्रोदिनेश प्रसाद सकलानी;  तथा डीओएसईएल की आर्थिक सलाहकार श्रीमती एसृजा उपस्थित रहीं।

सकुरा साइंस प्रोग्राम के अंतर्गत 24 मई से 30 मई 2026 तक भारत के 56 स्कूली विद्यार्थी और पर्यवेक्षक जापान की यात्रा करेंगे। इस कार्यक्रम में घानानाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिभागी भी शामिल होंगे। ये 56 विद्यार्थी (24 लड़के और 32 लड़कियाँ15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों असमदादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीवगोवागुजरातहरियाणाझारखंडकर्नाटकमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रओडिशापंजाबराजस्थानतमिलनाडुतेलंगाना और पश्चिम बंगाल के सरकारी विद्यालयों से हैं।  ये सभी प्रतिभागी भारत सरकार की राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएसयोजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता हैं।

कम उम्र के विद्यार्थियों के बौद्धिक क्षितिज का विस्तार करने और उनमें वैज्ञानिक खोज की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जापान साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजेंसी (जेएसटीवर्ष 2014 े जापान एशिया यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम इन साइंस’ का संचालन कर रही हैजिसे सकुरा साइंस प्रोग्राम’ के नाम से भी जाना जाता है। भारत अप्रैल 2016 से इस कार्यक्रम में भाग ले रहा है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक सप्ताह के लिए जापान आमंत्रित किया जाता हैताकि वे वहां की उन्नत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व्यवस्था तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव प्राप्त कर सकें। अब तक इस कार्यक्रम के तहत 96 पर्यवेक्षकों के साथ कुल 674 विद्यार्थी जापान की यात्रा कर चुके हैं। हाल ही में  अगस्त 2025 में  विद्यार्थियों का एक दल जापान गया था।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी2020 इस बात पर जोर देती है कि शिक्षा समग्रएकीकृतआनंददायक और रोचक” होनी चाहिए। इसके साथ हीयह नीति शिक्षा के सभी स्तरों पर अनुभवात्मक अधिगम को एक मानक शिक्षण पद्धति के रूप में अपनाने की परिकल्पना करती हैजिसमें विभिन्न विषयों के बीच संबंधों की खोज पर विशेष बल दिया गया है।

इसी संदर्भ मेंऐतिहासिकसांस्कृतिकसामाजिकवैज्ञानिक और तकनीकी महत्व के स्थानों की शैक्षिक यात्राएँ एवं अध्ययन भ्रमण विद्यार्थियों के सीखने के अनुभवों को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तकनीकी प्रगति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध जापान विद्यार्थियों को नवोन्‍मेषी कार्यप्रणालियों को समझने और वैश्विक अनुभव प्राप्त करने के बहुमूल्य अवसर प्रदान करता है।

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