रुद्रप्रयाग जनपद में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में जखोली रेंज अंतर्गत वन क्षेत्र में आग लगाने वाले एक व्यक्ति को ड्रोन निगरानी के माध्यम से चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया है। विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन स्वयं ड्रोन संचालित कर वन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। 20 मई 2026 को ड्रोन के माध्यम से जखोली रेंज के तैला कक्ष में एक व्यक्ति को वन क्षेत्र में आग लगाते हुए देखा गया। घटना की सूचना तत्काल वन दरोगा बड़मा अनुभाग और बीट अधिकारी तैला को दी गई। विभागीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया गया लेकिन अंधेरे का लाभ उठाकर वह मौके से फरार हो गया।
अगले दिन विभागीय अधिकारियों ने दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच के दौरान पता चला कि आग लगाने की घटना ग्राम एवं पोस्ट पंद्रोला कुमड़ी तहसील जखोली निवासी त्रिलोक सिंह जगवान पुत्र बचन सिंह द्वारा की गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वन क्षेत्र में आग लगाने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद वन विभाग ने आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध वन अपराध दर्ज किया गया है। वन विभाग के अनुसार इस तरह के मामलों में आर्थिक दंड और कारावास का प्रावधान है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि वन विभाग का मुख्य उद्देश्य आमजन के सहयोग से वनाग्नि की घटनाओं को रोकना और लोगों को जागरूक करना है। इसी उद्देश्य से 5 मई से 11 मई 2026 तक वन अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें वनाग्नि से बचाव और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि विभाग जनसहभागिता को प्राथमिकता देता है लेकिन यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वन क्षेत्र में आग लगाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान फायर सीजन में अब तक कुल 13 मामलों में गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।




